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Showing posts from January, 2019

रायबरेली से चुनाव लड़ेंगी प्रियंका, 100 साल में नेहरू-गांधी परिवार से राजनीति में 12वीं एंट्री

राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी को पूर्वी यूपी की प्रभारी बनाकर मां सोनिया गांधी की सक्रिय चुनावी राजनीति से विदाई का रास्ता साफ कर दिया है। तय योजना के मुताबिक, इस बार सोनिया की जगह प्रियंका रायबरेली से लाेकसभा चुनाव लड़ेंगी। सोनिया की भूमिका कांग्रेस में मार्गदर्शक की होगी। जरूरत पड़ी तो यूपीए चेयरपर्सन बनी रह सकती हैं। उधर, मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, विजयलक्ष्मी, इंदिरा गांधी, फिरोज गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी, मेनका गांधी, राहुल गांधी, वरुण गांधी के बाद गांधी-नेहरू परिवार से प्रियंका की राजनीति में यह 12वीं एंट्री है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सोनिया ने काफी समय पहले स्वास्थ्य संबंधी वजहों से चुनाव नहीं लड़ने की बात कही थी। रायबरेली और अमेठी पूर्वी यूपी में हैं। ऐसे में प्रियंका को रायबरेली से उतारकर कांग्रेस पूरे यूपी में असर पैदा करना चाहती है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, राहुल मोदी और योगी को उनके घर में ही घेरना चाहते हैं। उन्होंने पिछले दो चुनाव के आंकड़ों का विश्लेषण कर ऐसी 26 सीटों पर फोकस किया है, जहां पार्टी टक्कर देने की स्थिति में है। कांग्रेस प्रवक्ता अखि...

भोपाल-इंदौर में मेट्रो चलेगी या मोनो रेल, अगले महीने चलेगा पता

इंदौर और भोपाल में मेट्रो चलेगी या मोनो रेल ये बात अगले महीने साफ हो जाएगी। सरकार ने मेट्रो की ज्यादा लागत को देखते हुए अब दोनों शहरो में मोनो रेल प्रोजेक्ट लांच करने पर विचार कर रही है। इसका प्रजेंटेशन तैयार है। जल्द ही अधिकारी इसे मुख्यमंत्री कमलनाथ को दिखाएंगे । मेट्रो प्रोजेक्ट को जमीन पर लाने से पहले ही प्रदेश सरकार इस पर 75 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि बीते साल के अंतिम दिनों में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में कहा था कि मेट्रो की लागत ज्यादा आती है और जगह भी ज्यादा लगती है। इसकी तुलना में मोनो रेल में लागत भी कम और इसे मेट्रो की तुलना में आधी जगह में ही चलाया जा सकता है। इसलिए वे इंदौर भोपाल में मोनो रेल के बारे में विचार कर रहे हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जाफर का कहना है कि सरकार ने अभी मेट्रो प्रोजेक्ट को बंद नहीं किया है। मोनो रेल पर भी विचार किया जा रहा है। जो काम अच्छा और कम लागत में होगा उसे किया जाएगा। अगले महीने तक सबकुछ साफ हो जाएगा। 75 करोड़ खर्च: 10 साल से कागजों पर दौड़ रही मेट्रो पर 75 करोड़ खर्च हो चुके हैं। अब प्रोजेक्ट पर प...

नेपोट‍िज्म पर जाह्नवी कपूर- हां, जो मिला वो ड‍िजर्व नहीं करती थी

Janhvi Kapoor on Nepotism नेपोट‍िज्म पर बॉलीवुड में आए द‍िन बहस होती रहती है. इसकी वजह है सितारों के बच्चों का बड़े बैनर तले लॉन्च होना और उन्हें ल गातार बड़े मौके मिलते रहना. इस मुद्दे पर अब श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर ने भी ट‍िप्पणी की है. जाह्नवी ने पहली बार माना, "हां मैं इस बात को मानती हूं कि मेरी जो शुरुआत हुई उसके पीछे मेरा बैकग्राउंड है." श्रीदेवी की सबसे बड़ी बेटी जाह्नवी ने पिछले साल करण जौहर के प्रोड्क्शन में धड़क से बॉलीवुड डेब्यू किया था. एक इंटरव्यू में जाह्नवी कपूर ने कहा, " अगर बात की जाए बॉलीवुड में मुझे जो स्थान मिला है वो मैं डिजर्व करती हूं या नहीं, तो मेरा जवाब होगा नहीं. मैं इंडस्ट्री से ही आती हूं, इसलिए मेरे लिए बॉलीवुड में काम करना आसान रहा. अब जब मैं यहां आ ही गई हूं तो अब मेरी कोशिश रहेगी कि मैं पूरी मेहनत और लगन के साथ अपना काम करूं, ताकि लोग कम से कम ये न बोले कि मैं अपने पिता की वजह से फिल्मों में हूं." जाह्नवी कपूर के वर्कफ्रंट की बात करें तो धड़क की सफलता के बाद उनके हाथ में करण जौहर की 'तख्त' है. जाह्नवी, 'गुंजन...